संक्षिप्त जवाब
भारत में ड्रोन नियम, 2021 के तहत कृषि ड्रोन का उपयोग कानूनी है। ड्रोन के पास टाइप सर्टिफ़िकेट होना चाहिए और वह DGCA के डिजिटल स्काई प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत होना चाहिए, पायलट के पास DGCA-अधिकृत प्रशिक्षण संस्थान से रिमोट पायलट प्रमाणपत्र होना चाहिए, और उड़ानें एयरस्पेस मैप तथा कीटनाशक छिड़काव की SOP के अनुसार होनी चाहिए।
मुख्य बातें
- ज़्यादातर खेतों में छिड़काव ग्रीन ज़ोन में होता है, फिर भी हमेशा डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैप देखें।
- ड्रोन से सिर्फ़ वही कीटनाशक छिड़कें जो ड्रोन उपयोग के लिए स्वीकृत हों।
- किसान सेवा ले सकते हैं, ड्रोन किराए पर ले सकते हैं या खरीद सकते हैं — सही विकल्प रकबे पर निर्भर है।
- FPO, CHC और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए योजनाओं ने राज्यों में ड्रोन फैलाने में मदद की है।
भारत में खेती के लिए ड्रोन नियम — आसान सारांश
ड्रोन नियम, 2021 ने पुराने, सख्त ढाँचे की जगह ली और ड्रोन रखना व उड़ाना कहीं ज़्यादा आसान बना दिया। खेती में उपयोग के लिए चार ज़रूरतें सबसे अहम हैं।
टाइप सर्टिफ़िकेट और UIN
व्यावसायिक रूप से उड़ाया जाने वाला हर ड्रोन प्रमाणित टाइप का होना चाहिए, और हर ड्रोन को डिजिटल स्काई पर यूनिक आइडेंटिफ़िकेशन नंबर मिलता है। भुगतान से पहले विक्रेता से टाइप सर्टिफ़िकेट नंबर माँगें।
रिमोट पायलट प्रमाणपत्र (RPC)
ड्रोन उड़ाने वाले व्यक्ति के पास RPC होना चाहिए, जो DGCA-अधिकृत रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइज़ेशन (RPTO) में प्रशिक्षण और परीक्षा के बाद मिलता है। कृषि पर केंद्रित कोर्स में छिड़काव का काम भी सिखाया जाता है।
एयरस्पेस ज़ोन
डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैप भारत को ग्रीन, येलो और रेड ज़ोन में बाँटता है। ग्रीन ज़ोन में आमतौर पर तय ऊँचाई तक बिना पूर्व अनुमति के उड़ान की अनुमति होती है; येलो और रेड ज़ोन में अनुमति ज़रूरी है। हवाई अड्डों, सीमाओं या संवेदनशील स्थानों के पास के खेत प्रतिबंधित ज़ोन में आ सकते हैं।
कीटनाशक और पोषक तत्व छिड़काव की SOP
कृषि मंत्रालय ने ड्रोन से कीटनाशक और पोषक तत्व छिड़कने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOP) जारी की हैं, और सिर्फ़ ड्रोन उपयोग के लिए स्वीकृत उत्पाद ही इस्तेमाल होने चाहिए। SOP में बफ़र ज़ोन, मौसम, PPE और रिकॉर्ड रखने की बातें शामिल हैं।

कृषि ड्रोन भारतीय किसानों की कैसे मदद कर रहे हैं
- पानी भरे धान, ऊँचे गन्ने और घने कपास में फसल के बीच चले बिना छिड़काव
- पायलट खेत के किनारे रहता है, इसलिए किसान का रसायनों से सीधा संपर्क घटता है
- पारंपरिक नैपसैक स्प्रेयर की तुलना में प्रति एकड़ बहुत कम पानी
- कीट या रोग के प्रकोप में समय पर खेत जल्दी कवर करना
- बेहतर योजना के लिए खेत के नक्शे और फसल स्वास्थ्य मैप बनाना
भारत में इस्तेमाल होने वाले कृषि ड्रोन के प्रकार
भारत में बिकने वाला हर ड्रोन खेती के लिए नहीं होता। कृषि ड्रोन तीन मुख्य समूहों में आते हैं, और कई सेवा प्रदाता एक से ज़्यादा प्रकार इस्तेमाल करते हैं।
- छिड़काव ड्रोन: कीटनाशक, तरल पोषक तत्व और कुछ मामलों में दाने या बीज के लिए टैंक, पंप और नोज़ल (या स्प्रेडर अटैचमेंट)
- मैपिंग ड्रोन: खेत का सटीक ऑर्थोमोज़ेक नक्शा बनाने के लिए ग्रिड में उड़ने वाला RGB कैमरा
- निगरानी ड्रोन: मल्टीस्पेक्ट्रल या थर्मल कैमरे, जो फसल का तनाव आँखों से दिखने से पहले बता देते हैं
किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए तीन रास्ते
| विकल्प | किसके लिए सबसे अच्छा | आप किसका भुगतान करते हैं |
|---|---|---|
| ड्रोन छिड़काव सेवा लें | व्यक्तिगत किसान, छोटे और मध्यम खेत | सिर्फ़ छिड़के गए रकबे का |
| ड्रोन किराए पर लें | एक सीज़न के लिए FPO और बड़े फ़ार्म | किराए की अवधि, अक्सर ऑपरेटर सहित |
| ड्रोन खरीदें | CHC, FPO, सहकारी समितियाँ, सेवा उद्यमी | ड्रोन, बैटरियाँ, पायलट, रखरखाव |
ड्रोन अपनाने की दिशा
किसान ड्रोन जैसी सरकारी पहलों और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए ड्रोन सहायता ने प्रदर्शनों को गाँवों तक पहुँचाया है। जैसे-जैसे ज़्यादा ऑपरेटर प्रमाणित हो रहे हैं और ज़्यादा उत्पादों को ड्रोन उपयोग की स्वीकृति मिल रही है, यह सेवा हर सीज़न ज़्यादा ज़िलों में उपलब्ध हो रही है।
आज सबसे बड़ी कमी है प्रशिक्षित स्थानीय पायलट, भरोसेमंद बिक्री-बाद सर्विस और किसानों के लिए साफ़ जानकारी। इसीलिए हम किसी के पैसा खर्च करने से पहले ईमानदार मार्गदर्शन पर ध्यान देते हैं — ड्रोन क्या कर सकता है और क्या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या भारत में कृषि ड्रोन कानूनी हैं?
हाँ। ड्रोन नियम, 2021 के तहत खेती में ड्रोन का उपयोग तब हो सकता है जब ड्रोन प्रमाणित और पंजीकृत हो, पायलट के पास रिमोट पायलट प्रमाणपत्र हो, और उड़ान एयरस्पेस नियमों व छिड़काव SOP के अनुसार हो।
क्या ड्रोन इस्तेमाल करने के लिए किसान को लाइसेंस चाहिए?
छिड़काव सेवा लेने वाले किसान को कोई लाइसेंस नहीं चाहिए — नियमों का पालन ऑपरेटर करता है। जो खुद ड्रोन उड़ाता है, उसे DGCA-अधिकृत RPTO से रिमोट पायलट प्रमाणपत्र चाहिए।
भारत में ड्रोन से किन फसलों पर छिड़काव होता है?
धान, गेहूँ, कपास, गन्ना, सोयाबीन, मक्का, दालें, सब्ज़ियाँ, अंगूर और बागवानी फसलें, आदि — हमेशा उस फसल पर ड्रोन उपयोग के लिए स्वीकृत उत्पादों के साथ।
कृषि ड्रोन का पंजीकरण कैसे होता है?
पंजीकरण DGCA के डिजिटल स्काई प्लेटफ़ॉर्म पर होता है, जो प्रमाणित टाइप के ड्रोन को यूनिक आइडेंटिफ़िकेशन नंबर देता है। विक्रेता आमतौर पर कागज़ी कार्रवाई में मदद करते हैं।
क्या मैं अपने खेत के ऊपर कहीं भी ड्रोन उड़ा सकता हूँ?
अपने-आप नहीं। पहले डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैप देखें। येलो या रेड ज़ोन के खेतों के लिए अनुमति चाहिए, और लोगों, घरों व संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी रखनी होगी।
क्या कृषि ड्रोन के लिए सरकारी मदद है?
हाँ, संस्थानों, FPO, कस्टम हायरिंग सेंटर और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए योजनाएँ रही हैं। पात्रता और रकम बदलती रहती है, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से नए दिशानिर्देश देखें।
अपने खेत में ड्रोन का इस्तेमाल कैसे शुरू करूँ?
एक फसल पर ड्रोन छिड़काव सेवा से शुरुआत करें, नतीजे देखें, फिर तय करें कि आपके रकबे के लिए किराया या खरीद ठीक है। अपने खेत के बारे में बात करने के लिए 8282802150 पर कॉल करें।
इस गाइड के बारे में
- लेखक
- किसान ड्रोन टीम, नोएडा। हम किसानों, FPO और ड्रोन ऑपरेटरों के साथ छिड़काव, खरीद और प्रशिक्षण से जुड़े सवालों पर काम करते हैं।
- समीक्षक
- मोहित सिंह, ड्रोन ऑपरेटर — ड्रोन छिड़काव का 10 साल का अनुभव
- अंतिम अपडेट
हम कैसे लिखते हैं
हम मनगढ़ंत कीमतें, सब्सिडी की रकम, पैदावार या समीक्षाएँ प्रकाशित नहीं करते। नियमों और योजनाओं को आधिकारिक स्रोतों से जाँचा जाता है, और जो बात आपकी फसल, उत्पाद या जगह पर निर्भर करती है, उसे साफ़ लिखा जाता है। कोई गलती दिखे? ईमेल करें enquiry@kisandrone.co.in.
